पाकुड़ में झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कस यूनियन, रांची के बैनर तले आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में समाहरणालय के सामने धरना दिया. गुरुवार को धरना देकर अपने मांगों के समर्थन में इन कर्मचारियों ने नारेबाजी की. डीसी के नहीं रहने से आंगनबाडी सेविका सहायिका ने प्रभारी डीसी को प्रधानमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा. विदित हो कि जिले में 1 ,167 आंगनबाड़ी केन्द्र हैं. इसमें 1,126 सेविका और 1,162 सहायिका हैं. जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र में 3 से 6 वर्ष तक के 1,09,732 बच्चे नामांकित हैं. सेविका सहायिका ने मांग की है कि महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के आंगनबाड़ी सेविका सहायिका से 5 जून 2018 को हुए लिखित समझौता को लागू करने की मांग की. साथ ही यह भी मांग की कि समान काम के लिए समान वेतन, पेंशन योजना, मंहगाई भत्ता दिया जाए. आंगनबाड़ी सेविका सहायिका को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग की. सेविका और सहायिका ने कहा कि सरकार के योजना कुपोषण, मलेरिया, फाईलेरिया, पोलियो, लक्ष्मी लाडली योजना, कन्यादान, दिव्यांग योजना सहित अन्य योजना पर काम कराया जाता है लेकिन मानदेय, सरकारी कर्मचारी घोषित करने, सरकार से मिलने वाली सुविधा को मुहैया कराने में भेदभाव करती है.from Latest News झारखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2q9GYuH

No comments:
Post a Comment