धनबाद/गोमो बाजार कुरियर पहुंचाने का काम करते थे। दो महीना से सब बंद है। घर का किराया भी नहीं भर पा रहे थे। फिर पता चला कि घर लौटने के लिए ट्रेन चल रही है। वहां नाम दर्ज कराए लेकिन टिकट नहीं मिल रहा था। तब एक आदमी बोला कि ज्यादा पैसा देने से टिकट मिलेगा।from Jagran Hindi News - jharkhand:dhanbad https://ift.tt/2ZsrC7s

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