कहते हैं जल ही जीवन है. इसके बगैर जीवन की कल्पना एक कोरा सपना है, लेकिन वही पानी जब देश के भविष्य कहलाने वाले बच्चों को अपने ग्रास में लेकर धीर-धीरे गम्भीर खतरा बन जाए तो फिर क्या किया जाए. ताजा मामला कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर ब्लॉक के बरबसपुर ग्राम का है, जहां स्कूल, आंगनबाड़ी छात्रावास के तमाम बच्चे आयरनयुक्त लाल पानी के लम्बे अंतराल से उपयोग करने के कारण अब कई तरह के बीमारियों के शिकार होने लगे हैं. इसके अलावा मुंगवाल, चारगांव, बारवी में भी धीमा जहर का कहर व्याप्त है. गंदा, धुंधला खुली आंखों से देखे जा सकने वाले इस लाल पानी के उपयोग से होने वाले दुष्परिणाम से बचाव के लिए स्कूलों और आंगनबाड़ी में स्वयं के व्यय से फिल्टर किट लगाया गया है, लेकिन आयरन कि अधिकता से वो भी बेकार साबित हो चुके हैं.from Latest News छत्तीसगढ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2tuIR6N

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